बाजरा और जोन्हरी के खेतों से गुजरते हुये


एक ही दिन में सुबह शाम की गांव की सड़कों की सैर ने मुझे अलग अलग बिम्ब दिखाये। … जब कुछ लिखने की सामग्री टटोलने का मन हो, तो गांव देहात की सड़कों का ही रुख करना चाहिये। मानसिक हलचल वहां मजे से होती है।

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