वैसे राजकुमार औराई के ही मूल निवासी हैं। वहां इलिनॉयोस प्रांत के शिकागो में नौकरी करते हैं। हम दोनों में औराई, रामचरितमानस और हिंदी-अवधी-भोजपुरी की कॉमेनॉलिटी है। हमारे वर्तमान परिवेश भले ही अलग अलग ध्रुवों पर हैं!
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
अलाव के इर्द गिर्द चर्चा
पिछली कोरोना लहर की बात चली। बम्बई से आये एक आदमी की बात की राकेश ने। उसको उसके गांव वालों ने घर में नहीं घुसने दिया था। बाहर तम्बू तान कर उसमें रहने को कहा। घर के बर्तनों में नहीं महुआ के पत्तल दोना में भोजन दिया गया।
लौकी की बेल की झाड़ फूंक
नजर झाड़ना, ओझाई-सोखाई, डीहबाबा की पूजा, सत्ती माई को कढ़ईया चढ़ाना – ये सब ऑकल्ट कृत्य अभी भी चल रहे हैंं! हर लाइलाज मर्ज की दवा है इन कृत्यों में। मैंने गुन्नीलाल पाण्डेय जी से पूछा – कोई कोरोना की झाड़ फूंक वाले नहीं हैं?
