महाभारत : कच, संजीवनी और शुक्राचार्य का मदिरा पर कथन


कल उमड़ी भीड़ वाले मदिरा-साधकगण शुक्राचार्य की बात पर ध्यान देंगे या नहीं, कहना कठिन है। धर्मग्रंथों की निषेधाज्ञा को आजकल वर्जनातोड़क “प्रबुद्ध” जनता जूते की नोक पर रख कर चलती है!

गांवदेहात में नजदीक आता कोरोनावायरस और बढ़ता तनाव


कोरोना फैलाव से तनाव बढ़ रहा है तो वह जातिगत सम्बंधों में दिखने लगा है। जाति समीकरण भंगुर प्रतीत होते हैं। मनरेगा में भी एक जाति वाले दूसरी जातियों से सोशल डिस्टेंस बना कर काम कर रहे हैं।

ऑनलाइन और मॉल से गांव के किराना स्टोर की ओर


आशा है भविष्य में उनकी किराना दुकान से लम्बा एसोसियेशन रहेगा। लॉकडाउन काल में ही नहीं, उत्तर-कोरोना युग में भी।

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