उस धनी का कहना भर था कि उस मंदिर की नीव का पत्थर मिट्टी में धसकने लगा। मंदिर एक ओर को झुकने लगा। वह झुका मंदिर एक वास्तविकता है।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
आज तो कोहरा घना है – प्रतिनिधि चित्र
आज तो मन है बिस्तर में ही चाय नाश्ता मिल जाए। उठना न पड़े। बटोही (साईकिल) को देखने का भी मन नहीं हो रहा। आज तो कोहरा घना है। यह प्रकृति की व्यक्तिगत आलोचना है! पता नहीं बिसुनाथ का क्या हाल होगा। वह तो आपने एक कमरे के घर में बाहर पुआल के बिस्तर परContinue reading “आज तो कोहरा घना है – प्रतिनिधि चित्र”
स्कूल बंद हैं; पढ़ाने का जिम्मा दादाजी का हो गया है।
कोरोना काल में इस बूढ़ी पीढ़ी के पास एक काम आ गया है। और वह काफी मेहनत से उसे करती दिखती है। … जय हो, इन दादाजी की!
