बहुजन समाज पार्टी ने शिव जी का आशिर्वाद लिया


गौतम बुद्ध, अम्बेडकर, महामाया रोड/नगर/पार्क/क्रासिंग आदि का जमाना शायद पुराना हो गया है. वोट बैंक के गणित का तकाजा ऐसा हुआ कि बसपा ने शंकर जी का आशिर्वाद सेंक्शन करा लिया. सवेरे घूमने जाती मेरी मां ने खबर दी कि शिव कुटी के एतिहासिक मन्दिर पर बहुजन समाज पार्टी का झण्डा फहरा रहा है. चित्रContinue reading “बहुजन समाज पार्टी ने शिव जी का आशिर्वाद लिया”

शिक्षा के क्षेत्र में देश बैक फुट पर है.


सन 2005 में विश्वबैंक ने पड़ताल की थी. उसमें पता चला था कि हमारे देश में 25% प्रतिशत प्राइमरी स्कूल के अध्यापक तो काम पर जाते ही नहीं हैं. बाकी, जो जाते हैं उनमें से आधे कुछ पढ़ाते ही नहीं हैं. तनख्वाह ये पूरी उठाते हैं. यह हालत सरकारी स्कूलों की है. आप यहां पढ़Continue reading “शिक्षा के क्षेत्र में देश बैक फुट पर है.”

असली खुशी की दस कुंजियां


मैं रेलवे स्टेशन पर जीने वाले बच्चों पर किये गये एक सर्वेक्षण के आंकड़ों से माथापच्ची कर रहा था. जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा चौंकाया; वह थी कि 68% बच्चे अपनी स्थिति से संतुष्ट थे. बुनियादी जरूरतों के अभाव, रोगों की बहुतायत, पुलीस का त्रास, भविष्य की अनिश्चितता आदि के बावजूद वे अगर संतुष्टContinue reading “असली खुशी की दस कुंजियां”

फर्जीवाडा ग्रेड – IV बनाम शिक्षा में ठगी


भारत लाल (मेरा बंगला पियून) ताजा स्कूप लाया है। उसकी मंगेतर दसवीं में पढ़ती है। मंगेतर का स्कूल “कान्वेंट” स्कूल है। कान्वेंट माने थोड़ी ज्यादा फ़ीस और अंगरेजी मीडियम। इसाई मठ से कोई लेना देना नहीं है कान्वेंट का। स्कूल चलाते होंगे कोई पंडितजी या लालाजी। निम्न मध्यम वर्ग के बच्चों का स्कूल है। स्कूलContinue reading “फर्जीवाडा ग्रेड – IV बनाम शिक्षा में ठगी”

कंटिया भाग दो: कंटिये में तो हम ही फंस गये हैं.


कल की पोस्ट पर एक दूसरे मिसिर जी ने जो गुगली फैंकी; उससे लगता है कि कंटिये में हम खुद फंस गये हैं. छोटे भाई शिव कुमार मिश्र ने जो रोमनागरी में टिप्पणी दी है पहले मैं उसे देवनागरी में प्रस्तुत कर दूं: “सिस्टम भ्रष्ट है…” और तब तक रहेगा जब तक मिसिराइन अपने कोContinue reading “कंटिया भाग दो: कंटिये में तो हम ही फंस गये हैं.”

कटिया फंसाने को सामाजिक स्वीकृति है यहां


मिसिराइन (कल्पित नाम; फिर भी सभी मिसिर-मिसिराइन जी से क्षमा याचना सहित) हफ्ते भर से फड़फड़ी खा रही थीं. बिजली वाले से किसी बात पर तनी तना हो गयी थी और वह इलेक्ट्रानिक मीटर लगा गया था. मीटर फर्र-फर्र चल रहा था और मिसिराइन का दिल डूबा जा रहा था. वो जिस-तिस से समस्या काContinue reading “कटिया फंसाने को सामाजिक स्वीकृति है यहां”