श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ नाना बने!


श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी ने अभी अभी फोन पर सूचना दी कि उनकी बिटिया को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। वे तुरन्त कैलीफोर्निया के लिये रवाना हो रहे हैं। श्री विश्वनाथ अपनी बिटिया से मिलने कैलीफोर्निया गये थे – सन् २०१० में। उससे सम्बन्धित उनकी सात पोस्टें मेरे ब्लॉग पर हैं। मैं इस साल केContinue reading “श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ नाना बने!”

आम्रपाली : एक बौना आम


मण्डुआडीह के स्टेशन मैनेजर हैं श्री सीपी सिंह। उन्हें कहीं से आम्रपाली संकर प्रजाति के आम के बिरवे मिले। उनमें से चार उन्होने मुझे भेजे। शायद मेरी पत्नीजी ने बहुत पहले उनसे अनुरोध कर रखा था इस विषय में। मुझे नहीं मालुम था कि आम्रपाली एक बौनी प्रजाति है आम की। अन्यथा आम तो ६०-१००Continue reading “आम्रपाली : एक बौना आम”

माधव सदाशिव गोलवलकर और वर्गीज़ कुरियन


वर्गीज़ कुरियन की पुस्तक – ’आई टू हैड अ ड्रीम’ में एक प्रसंग माधव सदाशिवराव गोलवलकर ’गुरुजी” के बारे में है। ये दोनों उस समिति में थे जो सरकार ने गौ वध निषेध के बारे में सन् १९६७ में बनाई थी। इस समिति ने बारह साल व्यतीत किये। अन्त में मोरारजी देसाई के प्रधानमन्त्रित्व केContinue reading “माधव सदाशिव गोलवलकर और वर्गीज़ कुरियन”

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