विल्वपत्र की टेरी तोड़ रही थीं कोटेश्वर महादेव की मालिनें। एक बकरी उनसे स्पर्धा कर रही थी विल्वपत्र और गेंदे के फूल चबाने में। पर स्पर्धा इतनी विकट नहीं थी कि बकरी पर कोई डण्डा पड़ता। हटाने पर वह एक स्थान से दूसरे पर जा कर कुछ न कुछ चबाने को पा जा रही थी।Continue reading “कार्तिक अमावस की सांझ”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
मोहन लाल और पच्चीस हजार वाले लोग
मोहन लाल को बीड़ी फूंकते पाया मैने। साथ में हीरालाल से कुछ बात कर रहे थे वे। आसपास गंगाजी की रेती में सब्जियां लगाने – बोने का उपक्रम प्रारम्भ हो चुका था। मैने बात करने की इच्छा से यूं ही पूछा – क्या क्या लगाया जा रहा है? सब कुछ – कोन्हड़ा, लौकी, टमाटर। लोगContinue reading “मोहन लाल और पच्चीस हजार वाले लोग”
हाथ से मछली बीनते बच्चे – तकनीक का विकास
वे पहले हाथ से बीन रहे थे मछली। आज देखा तो पाया कि उन्होने तकनीक विकसित कर ली है। उसी जगह एक चादर का प्रयोग बतौर जाल के रूप में कर रहे थे। गंगाजी के पानी से बने तालाब में एक ओर से शुरू कर दूसरी ओर तक ला रहे थे चादर को। कोशिश करContinue reading “हाथ से मछली बीनते बच्चे – तकनीक का विकास”
