कुम्हार और मिट्टी के दीये


मेरे दफ्तर जाने के रास्ते में तेलियरगंज के बाद चार पांच घर कुम्हारों के हैं। बरसात के महीनों में उनकी गतिविधियां ठप सी थीं। अब देखता हूं कि बहुत व्यस्त हो गये हैं वे। तन्दूर, गुल्लक, मटके आदि बनाने का काम तो सतत चलता है, पर इस समय दीपावली आने वाली है, सो दिये बनानेContinue reading “कुम्हार और मिट्टी के दीये”

जवाहिरलाल वापस आ गया है


जवाहिरलाल वापस आ गया है। दो महीना पहले उसे सांप ने काट खाया था। अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर उसके बन्धु गण आये और उसे मछलीशहर ले गये। अब वह ठीक है। कल सवेरे वह शिवकुटी के गंगाजी के घाट की सीढ़ियों के पास अपने नियमित स्थान पर बैठा पाया गया। इससे पहले किContinue reading “जवाहिरलाल वापस आ गया है”

टाइप-II मधुमेह और निषाद-क्षेत्र का भ्रमण


मेरी छप्पन वर्ष की अवस्था में मुझे बताया गया है कि मैं टाइप-II डायबिटीज/मधुमेह [1] की योग्यता प्राप्त कर चुका हूं। मुझे कम से कम कुछ समय तक डायबिटीज की दवाओं पर रहना होगा। धूम्रपान (जो मैं नहीं करता) से परहेज रखना होगा। मदिरापान (जो मैं नहीं करता) मॉडरेशन में रखना होगा और सप्ताह में कमContinue reading “टाइप-II मधुमेह और निषाद-क्षेत्र का भ्रमण”

Design a site like this with WordPress.com
Get started