दिनांक 30 जुलाई रात्रि। अपने सैलून में – जहाज का पंछी, जहाज में वापस। दो दिन के सिकन्दराबाद प्रवास के बाद मैं अपनी रेल गाड़ी की प्रतीक्षा कर रहा हूं। मुझे आम यात्री की तरह प्लेटफार्म पर अनवरत चलने वाले अनाउंसमेण्ट के बीच एक आंख अपने सामान पर और दूसरी आने जाने वाले लोगों परContinue reading “सिकन्दराबाद-हैदराबाद से प्रस्थान”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
पूर्वोत्तर भारत के बारे में गलत सोच
मेरे सामने ताज बनजारा होटल के डिनर की टेबल पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य मालभाड़ा यातायात प्रबन्धक श्री एन.के.. सचान बैठे थे। श्री सचान पिछले साल भर से अधिक हुआ, गुवाहाटी में रह रहे हैं। हम या तो यूंही इधर उधर की बात कर सकते थे, या रेल विषयक दिन की बात चीत काContinue reading “पूर्वोत्तर भारत के बारे में गलत सोच”
सेवाग्राम का प्लेटफार्म
दक्खिन एक्स्प्रेस किसी स्टेशन पर रुकी है मैं यूंही दरवाजा खोल बाहर झांक लेता हूं – यह तो सेवाग्राम है। विनोबा का आश्रम यहां पर है। स्टेशन का बोर्ड सामने है। उसका चित्र उतार लेता हूं मोबाइल से। और न जाने कितने गये – बेतूल आमला मुलताई चिंचोडा … किसी का नहीं उतारा। नागपुर स्टेशनContinue reading “सेवाग्राम का प्लेटफार्म”
