श्री बुध प्रकाशजी के पूर्वजों की एक पीढ़ी


श्री बुध प्रकाश मेरे जोनल रेलवे (उत्तर मध्य रेलवे) के महाप्रबंधक हैं। सामान्यत: मैं उनपर नहीं लिखता – कि वह कहीं उनकी चाटुकारिता में लिखा न प्रतीत हो। पर वे ३१ दिसम्बर को रिटायर होने जा रहे हैं और ऐसा कोई मुद्दा शेष नहीं है जिसमें मुझे उनकी चाटुकारिता करने की आवश्यकता हो। इसके अलावाContinue reading “श्री बुध प्रकाशजी के पूर्वजों की एक पीढ़ी”

दांतों की देखभाल – हल्दी के साथ अन्य वनस्पतियां


यह श्री पंकज अवधिया की बुधवासरीय अतिथि पोस्ट है। पंकज जी ने अठाईस नवम्बर को "दांतों की देखभाल – हल्दी का प्रयोग" नामक पोस्ट इस ब्लॉग पर लिखी थी। वह प्रयोग सरल और प्रभावी होने की बात मेरी पत्नीजी भी करती हैं। वे उस प्रयोग में नियमित हैं। कई अन्य पाठक भी कर रहे होंगेContinue reading “दांतों की देखभाल – हल्दी के साथ अन्य वनस्पतियां”

रेल कर्मी और बैंक से सेलरी


जब से रेलवे की स्थापना हुयी है, रेल कर्मियों की सेलरी (मासिक तनख्वाह) बांटने का काम कैश ऑफिस के कर्मी करते रहे हैं। जब मैने रेलवे ज्वाइन की थी तब मुझे भी तनख्वाह कैश में मिलती थी। डिविजनल पेमेण्ट कैशियर (डीपीसी)1 आता था नियत दिन पर और हम सभी नये रेल अधिकारी रेलवे स्टॉफ कॉलेजContinue reading “रेल कर्मी और बैंक से सेलरी”

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