मेरी चिंतायें


1. लोग पच्चीस-तीस की उम्र में जड़ हो जाते हैं. पर दाह संस्कार के लिये 80-90 की उम्र तक इंतजार करते हैं. बीच का समय टेलीवीजन की शरण में काटते हैं. यह कैसे रोका जा सकता है? लोगों की जीवंत उम्र कैसे बढ़ाई जा सकती है? 2. ऐसा क्यों है कि दुख-दर्द हमें असीमित लगतेContinue reading “मेरी चिंतायें”

बुद्ध को पैदा होने से रोक लेंगे?


प्रतीक का ब्लॉग मेरे व्यक्तिगत गूगल रीडर संग्रह में नहीं था. इसलिये यह पोस्ट एग्रीगेटर पर यदा-कदा की ब्राउज़िंग में दिखी. पुनर्जन्म के लिये लेनी होगी चीन की इजाजत नाम से यह पोस्ट एक रोचक फरमान की बात करती है कि चीन सरकार दलाई लामा को पुनर्जन्म के लिये संकेत नहीं देने देगी. यह फरमानContinue reading “बुद्ध को पैदा होने से रोक लेंगे?”

किस-किस की नींद असहज हो रही है?


मैं, याद नहीं पड़ता कि कभी अभय तिवारी से सहमत हुआ होऊं. पर अभय की पोस्ट – जहालत के अन्धेरे से काफी सहमति है. कुछ दिन पहले आस्ट्रेलिया में भारत के एक डॉक्टर के गिरफ्तार किये जाने पर देश के एक बड़े नेता की नींद असहज हो गयी थी. वह डॉक्टर शायद निरीह है याContinue reading “किस-किस की नींद असहज हो रही है?”

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