अजदक ने श्रीलाल शुक्ल का एक लेख अपने ब्लॉग पर प्रस्तुत किया है. उसे देख कर हिन्दी से पैसे कमाने की अगर हसरत हो तो ध्वस्त हो जाती है. उसके बाद अनूप ने भी श्रीलाल शुक्ल का एक लेख अपने ब्लॉग पर परोसा. उसे पढ़ कर लगता है कि ऐसे ही लिखते रहना चाहिये. अपनेContinue reading “श्रीलाल शुक्ल जी की याद”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
आलोक (नौ-दो-इग्यारह) की मित्रता
आलोक (9+2=11 वाले) ने जब हिन्दी के विषय में मेरे पोस्ट पर टिप्पणी की (टिप्पणी इस पोस्ट में उद्धृत है – यह उद्धृत शब्द का प्रयोग आलोक-इफेक्ट है! अन्यथा मैं “कोट” का प्रयोग करता!) तो मुझे लगा कि मैं दो प्रकार से प्रतिक्रिया कर सकता हूं – ठसक कर अथवा समझ कर. ठसकना मेरे लियेContinue reading “आलोक (नौ-दो-इग्यारह) की मित्रता”
रेल दुर्घटना – कितने मरे हैं जी?
अमन चैन के माहौल में कल दफ्तर में बैठा था. कुछ ही समय पहले श्रीश के ब्लॉग पर हरयाणवी लतीफे पर टिप्पणी की थी. अचानक सवा बारह बजे कण्ट्रोल रूम ने फोन देने शुरू कर दिये कि जोधपुर हावडा एक्सप्रेस का कानपुर सेण्ट्रल पहुंचने के पहले डीरेलमेण्ट हो गया है. आलोकजी की माने तो मुझेContinue reading “रेल दुर्घटना – कितने मरे हैं जी?”
