महेश चंद्रजी से मुलाकात


महेश चन्द्र जी मेरे घर के पास नारायणी आश्रम में रहते हैं। वे इण्डियन टेलीफोन इण्डस्ट्री (आई टी आई) नैनी/मानिकपुर के डायरेक्टर पद से रिटायर हुये। कुछ समय बाद यहां आश्रम में साधक के रूप में आ गये। सम्भवत अपनी पत्नी के निधन के बाद। उन्हे काम के रूप में अन्य जिम्मेदारियों के अलावा आश्रमContinue reading “महेश चंद्रजी से मुलाकात”

मुख्तारमाई, जीवन के उसूल और मुक्ति का रास्ता


मुख्तारमाई पाकिस्तानी कबीलाई बर्बरता से लड़ने वाली सबसे अबला नारी है जो सबसे सबल चरित्र बन कर उभरी। मैने पहले उनके विषय में कभी सजग हो कर पढ़ने का यत्न नहीं किया।मेरी पाकिस्तानी कबीलाई सभ्यता में रुचि नहीं है। ऊपर से बर्बरता और बलात्कार की कथा पढ़ने का कोई मन नहीं होता। दुनियां में इतनेContinue reading “मुख्तारमाई, जीवन के उसूल और मुक्ति का रास्ता”

सर एडमण्ड हिलेरी की याद में


सर एडमण्ड हिलेरी के देहावसान पर जब समाचारपत्रों में लेख पढ़े तो पता चला कि उन्होने एवरेस्ट विजय पर अपने साथी जॉर्ज लोवे से यह कहा था – “वी हैव नॉक्ड द बास्टर्ड ऑफ!” यह भाषा कुछ लोगों को अटपटी लग सकती है हिन्दी में। पर जब मैने यह पढ़ी तो सर हिलेरी के प्रतिContinue reading “सर एडमण्ड हिलेरी की याद में”

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