बाड़ी से बिनेका


रास्ता मैं यह बालक
हमको आते देखा तो दौड़ कर
हमको रोका और पानी पिलाया। और 8 अमरूद लाया
और बोला कि बाबा रास्ता में कोई गांव नहीं मिलेगा आप खा लीजिएगा।
महादेव जी उस बालक को लंबी उमर,
विद्या और बुद्धि दे। यही आशीर्वाद बच्चा को दिए हैं हम।

कुछ और चलें – गाडरवारा से उदयपुरा


मुझे अपनी दशा सम्पाती की तरह लगी। वह और किसी प्रकार से वानरों की सहायता नहीं कर सकता था। वह केवल यह देख सकता था कि लंका कितनी दूर है और सीता कहां पर हैं। मैं भी केवल यह बता सकता था कि प्रेमसागर का गंतव्य कितना दूर है।

जबलपुर, धुंआधार, नर्मदा, गाक्कड़ भर्ता


प्रेम सागर जो महीने भर पहले मात्र यात्रा की दूरी गिन रहे थे, अब लोगों से मिलने में और उनके साथ चित्र खिंचवाने में भी रस ले रहे हैं। … उत्तरोत्तर निखार आ रहा है प्रेमसागर के व्यक्तित्व में। कांवर यात्रा जैसे जैसे आगे बढ़ेगी, प्रेमसागर का व्यक्तित्व उत्तरोत्तर संतृप्त होता जायेगा। संतृप्त और परिपक्व। यात्रा व्यक्ति में बहुत कुछ धनात्मक परिवर्तन लाती है।

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