ठिठकता मानसून


आज की बारिश के बाद सांप निकलेंगे। वैसे इतने सालों में यह तो पता चल गया है कि अधिकांशत: वे भले कोबरा जैसे दीखते हों पर हैं चूहे खाने वाले असाढ़िया सांप ही। फिर भी सावधान तो रहना ही होता है।

शादी का बदलता इण्टरव्यू


परिवार और समाज कितनी भी ऐंठ दिखा ले; वह आधुनिकता, बाजार की ताकत और सरकारों द्वारा किये गये व्यक्ति के एम्पावरमेण्ट और इन सब से ऊपर विश्व स्तर पर नौजवान और नवयुवतियों की मोबिलिटी के सामने हाँफ रहा है।

गंगा में वाटर स्पाउट


गुन्नीलाल जी के कथन से यह स्पष्ट हो जाता है कि भले ही वाटर स्पाउट बिरला ही होने वाला फिनॉमिना, हो; यह हमारे आसपास, गंगाजी में भी दिखाई दे सकता है!

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