कोल्हू का बैल बनाम मैं


“अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम। दास मलूका कह गये, सबके दाता राम॥” दास मलूका को देखा नहीं, वर्ना यह कामना उनसे करता कि राम जी की कृपा दिला कर परमानेण्ट पेंशन की व्यवस्था करा दें। कोल्हू के बैल की तरह न खटना पड़े। डा. अमर कुमार को यह कष्ट है कि कैसेContinue reading “कोल्हू का बैल बनाम मैं”

सत्रह हजार से कम में मिनी-लैपटॉप


यह पोस्ट श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ नें भेजी है। एक गैजेट पर पोस्ट है। है बड़े काम का; और जेब पर भी बोझ न डाले, ऐसा लग रहा है यह गैजेट। आप उन्ही के शब्दों में पढ़ें- कुछ दिन पहले मैंने टिप्प्णी करते हुए कहा था कि मैंने अपनी पत्नी का हैण्डबैग उनसे ले लिया हैContinue reading “सत्रह हजार से कम में मिनी-लैपटॉप”

कार्बन टेक्स और कार्बन क्रेडिट


ट्रक वालों की हड़ताल थी तो कुछ सुकून था। सड़क कुछ खाली लगती थीं। प्रदूषण कुछ कम था। यह अलग बात है कि कुछ लोग आगाह कर रहे थे कि खाने-पीने का सामान जमा कर लो – अगर हड़ताल लम्बी चली तो किल्लत और मंहगाई हो जायेगी। पर बड़ी जल्दी खतम हो गयी हड़ताल। ट्रकोंContinue reading “कार्बन टेक्स और कार्बन क्रेडिट”

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