आते रहा करो चच्चा!


त्रिपाठी जी ने कहा – “आपने अपने लेख में लिखा था कि अगली बार साइकिल से आयेंगे। आप साइकिल से आये होते तो और अच्छा लगता चच्चा! बाकी, आप आते रहा करें। आपका आना अच्छा लगता है और हम भी कुछ नया सीख सकते हैं।”

आयुष – कस्बे के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में


भाजपा सरकार आयुर्वेद के लिये प्रयास कर रही है। … पर यह भी है कि प्रयास सरकारी भर है। जो सुविधायें विकसित की गयी हैं, उनका पूरा दोहन नहीं हो रहा।

डेंगू, पपीता, बकरी और ड्रेगन फ्रूट


डेंगू का दोहन करने के लिये मैं क्या कर सकता हूं? मैं बकरी पालन तो कर नहीं सकूंगा। पर पपीता के पौधे लगा सकता हूं। उससे डेंग्फ्लेशन (Dengue-inflation) के समय मार्केट का दोहन कर शायद करोड़पति बन सकूं! :)

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