कुम्भ मेला स्पेशल का रेक


<<< कुम्भ मेला स्पेशल का रेक >>> मेरे घर के समीप के कटका रेलवे स्टेशन पर एक मेला स्पेशल का रेक स्टेबल हो गया है। मैं ध्यान से देखता हूं – इसमें अधिकांश उत्तर पूर्वीसीमांत रेलवे के कोच हैं। उनपर इंजन भी सिलीगुड़ी (इलेक्ट्रिक) शेड का लगा है। डब्ल्यू ए जी 9 इंजन का नामContinue reading “कुम्भ मेला स्पेशल का रेक”

कल्पना में रेल कथा


<<< कल्पना में रेल कथा >>> मैं मचान पर बैठता हूं तो आधा किलोमीटर दूर रेलवे फाटक से गुजरती ट्रेने देख मेरे अतीत से प्रेरित; पॉपकॉर्न की तरह, कथायें फूटने लगती हैं। कुछ इस तरह लगता है कि मैं अर्धनिद्रा में चला गया हूं और केलिडोस्कोप में सीन-प्लॉट-पात्र-घटनायें बन बिगड़ रहे हैं। जमीन से सातContinue reading “कल्पना में रेल कथा”

रात भर डीजे बजेगा – लवण्डिया लंदन से …


हम घर में सो रहे होंगे तभी बैंड बाजा और आतिशबाजी शुरू होगी। रात भर डीजे बजता रहेगा। भोजपुरी श्लीलाश्लील गाने बजेंगे। अरहर के खेत की रास लीला की चर्चा वाला गीत बार बार बजेगा। यह वाला गाना भी बार बार आयेगा – लवण्डिया लंदन से लायेंगे, रात भर डीजे बजायेंगे।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free