गोनूडीह की ओपनकास्ट खदान


कुसुण्डा, धनबाद के पास अण्डरग्राउण्ड कोयला खदान (गोधर कोलियरी) देखने के बाद मैं BOBR वैगनों में कोयला लदान देखने के लिये कुसुण्डा2 साइडिंग में गया। कुसुण्डा के यार्डमास्टर श्री चटर्जी ने बताया कि वहां सड़क मार्ग से भी जा सकते हैं और प्लेसमेण्ट के लिये जाने वाले कोल-पाइलट (इंजन जो कोयले का रेक ले कर साइडिंगContinue reading “गोनूडीह की ओपनकास्ट खदान”

गोधर कोलियरी – अण्डरग्राउण्ड खदान


धनबाद के पास स्टेशन है कुसुण्डा। वहां कई कोयला खदानें हैं। ओपन-कास्ट भी और अण्डरग्राउण्ड भी। मैं वहां खदान देखने नहीं, रेलवे के वैगनों में लदान देखने गया था। पिछले तीन चार दिन तेज बारिश होती रही थी। खनन का काम बहुत नहीं हो पाया था। इस लिये लदान का काम धीमा था। बहुत जगहContinue reading “गोधर कोलियरी – अण्डरग्राउण्ड खदान”

छिउल के पत्ते


जैसा सामान्य रूप से होता है, मेरे पास कहने को विशेष नहीं है। मिर्जापुर स्टेशन पर मैं नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस से उतरा था। मेरे साथ दो निरीक्षक, मिर्जापुर के स्टेशन मास्टर और तीन चार और लोग थे। वे साथ न होते तो मेरे पास देखने और लिखने को अधिक होता। अन्यथा अफसरी के तामझाम केContinue reading “छिउल के पत्ते”

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