मधुगिरि


विश्व के द्वितीय व एशिया के सर्वाधिक बड़े शिलाखण्ड की विशालकाया को जब अपने सम्मुख पाया तो प्रकृति की महत्ता का अनुभव होने लगा। जमीन के बाहर 400 मी की ऊँचाई व 1500 मी की चौड़ाई की चट्टान के शिखर पर बना किला देखा तो प्रकृति की श्रेष्ठ सन्तान मानव की जीवटता का भाव वContinue reading “मधुगिरि”

होगेनेक्कल जलप्रपात


नीरज जाट जी, डॉ अरविन्द मिश्र जी व आशा जोगलेकर जी के यात्रा-वृत्तान्तों का प्रभाव, बच्चों की घर में ऊबने की अकुलाहट और रेलवे के मॉडल स्टेशन के निरीक्षण का उपक्रम मुझे तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले ले गये। बंगलोर से 150 किमी रेलयात्रा पर है धर्मपुरी, वहाँ से 40 किमी की रोड यात्रा पर होगेनेक्कलContinue reading “होगेनेक्कल जलप्रपात”

बापीयॉटिक पोस्टों की दरकार है!


बापी ओडीसा जाने के बाद क्या कर रहा है? मैं सतीश पंचम जी से फॉलो-अप का अनुरोध करता हूं। बापी वाली पोस्ट एक महत्वपूर्ण पोस्ट है हिन्दी ब्लॉगिंग की – भाषा और विषय वस्तु में नया प्रयोग। यह बिना फॉलो-अप के नहीं जाना चाहिये। अगर आपने सतीश जी की उक्त पोस्ट नहीं पढ़ी है तोContinue reading “बापीयॉटिक पोस्टों की दरकार है!”

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