यशस्वी भव! नकुल!


श्री सिसिल रोड्स की प्रतिमा, विकीपेडिया से। सम्भव है आपने सिसिल जॉन रोड्स (१८५३-१९०२) के बारे में पढ़ रखा हो। वे किम्बर्ले, दक्षिण अफ्रीका के हीरा व्यापारी थे और रोडेशिया (जिम्बाब्वे) नामक देश उन्ही का स्थापित है। शादी न करने वाले श्री रोड्स के नाम पर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में कॉमनवेल्थ देशों और अमेरिका के विद्यार्थियोंContinue reading “यशस्वी भव! नकुल!”

जी विश्वनाथ: मंदी का मेरे व्यवसाय पर प्रभाव


मैं एक  स्ट्रक्चरल इन्जीनियर (structural engineer – संरचना अभियंता) हूँ। मेरा विशेष ज्ञान और अनुभव इस्पात के बने हुए औद्योगिक संरचनाओं के अभिकल्पन के क्षेत्र में (Design of steel structures in Industrial buildings ) है। श्री जी विश्वनाथ ने अपने मन्दी से सम्बन्धित अनुभव को इस अतिथि-पोस्ट में बखूबी व्यक्त किया है। मेरा सौभाग्य हैContinue reading “जी विश्वनाथ: मंदी का मेरे व्यवसाय पर प्रभाव”

यह सबसे बड़ी टिप्पणी है!


ज्ञानजी, यह मैं क्या पढ़ रहा हूँ? जब कोई विषय नहीं सूझता था तो आप मक्खियों पर, आलू पर और टिड्डे पर लिखते थे। चलो आज और कोई अच्छा विषय न मिलने पर मुझ पर एक और लेख लिख दिया। विनम्रता से अपना स्थान इन नाचीजों के बीच ले लेता हूँ ! यह लेख श्रीContinue reading “यह सबसे बड़ी टिप्पणी है!”

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