सुहानी मिश्र


एक-डेढ़ दशक पहले वह मेरा चेम्बर हुआ करता था – रतलाम रेल मण्डल के वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबन्धक का। आज मैं सामने की कुर्सी पर बैठा था। पहले से बेहतर था वह कमरा। सोफा, बदली हुई मेज और कम्प्यूटर आदि। सामने पदासीन थीं – सुहानी मिश्र। मेरे समय में एक दो महिला अधिकारी हुआ करतीContinue reading “सुहानी मिश्र”

सहुआरी के मिसिर जी


हमारी निरीक्षण स्पेशल ट्रेन धीमी हो गयी थी – उस जगह पर एक ट्रैक का घुमाव था और उस घुमाव का निरीक्षण करना था महाप्रबन्धक और उनके विभागाध्यक्षों की टीम को। चालक धीमी चाल से बढ़ रहा था कि नियत स्थान पर खड़ा कर सके ट्रेन को। हम लोग अन्तिम डिब्बे में बैठे पीछ देखContinue reading “सहुआरी के मिसिर जी”

गोण्डा – बलरामपुर बड़ी लाइन


गोण्डा-बलरामपुर-तुलसीपुर-बढ़नी – यह लगभग 115 किलोमीटर का छोटी लाइन का खण्ड हुआ करता था रेलवे का। छोटी लाइन से बड़ी लाइन के आमान (गेज) परिवर्तन का काम चलने के लिये बन्द था। काम पिछले साल के दिये अनुमान के अनुसार यह मार्च महीने में पूरा होना था, पर जब यह लगने लगा कि उससे ज्यादा समयContinue reading “गोण्डा – बलरामपुर बड़ी लाइन”

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