दिघवट का टीला – 2600 साल पहले का अतीत और वर्तमान


मेरे घर (गांव विक्रमपुर कलां, तहसील औराई, जिला भदोही, उत्तरप्रदेश) से दिघवट लगभग 6-7 किलोमीटर दूर है। पहले सड़क मार्ग बहुत खटारा था,अब अच्छा हो गया है। नयी सरकार ने सडकें फिर से बनवाई भी हैं और जहां रिपेयर से काम चलता था, वहां बहुत हद तक कराया भी है। अत: वहां तक जाने-आने मेंContinue reading “दिघवट का टीला – 2600 साल पहले का अतीत और वर्तमान”

पुरवट, परित्यक्त कुंआ और देवनन्दन


नेशनल हाईवे के उसपार गांव है लक्षमणा। कल उस ओर निकल गया शाम के समय। साथ में मेरा बेटा था ज्ञानेन्द्र। उसके लिये कुछ दिन पहले एक साइकिल खरीदी है। ध्येय यह है कि उसको साथ साथ ले चलूं और आसपास के गांव दिखा दूं। वह राजन भाई की तरह मेरे लिये एक साथी कीContinue reading “पुरवट, परित्यक्त कुंआ और देवनन्दन”

अगियाबीर की पुरातात्विक खुदाई का कार्य अन्तिम चरण में


मार्च के उत्तरार्ध में आये थे बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास और पुरातत्व विभाग के लोग अगियाबीर टीले के दक्षिणी-पूर्वी भाग में उत्खनन करने। करीब तीन सप्ताह बाद प्रोफेसर अशोक सिंह जी ने मुझे इस बारे में बताया। मैने पुरातत्व टीले पर चढ़ने में अपने घुटनों की तकलीफ की बात की तो डा. अशोक सिंहContinue reading “अगियाबीर की पुरातात्विक खुदाई का कार्य अन्तिम चरण में”

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