क्या लिखोगे पाँड़े, आज?


आगे तीन बालक दिखे सड़क किनारे। ताल में मछली मारे थे। छोटी छोटी मछलियाँ। ताल का पानी एक छोटे भाग में सुखा कर पकड़ी थीं। आधा घण्टा का उपक्रम था उनका। अब वे आपस में पकड़ी गयी मछलियों का बंटवारा कर रहे थे।

प्लास्टिक फेरीवालोंं के समूह


कई समूह इस इलाके में प्लास्टिक की डेली-यूज की सस्ती वस्तुओं को बेचने के लगे हैं। वे मोबाइल, ऑनलाइन और मोटर साइकिल तथा हाईवे जैसी सुविधाओं का सही सही दोहन कर ग्रामीण जनता को सुविधा भी दे रहे हैं और अपना पेट भी पाल रहे हैं।

सुन्दर नाऊ की जजमानी


मेरी हेयर कटिंग में कोई खास कलात्मकता की जरूरत नहीं। आजकल के नौजवान लोग जो बंगला कट बाल कटाते हैं, वह नहीं चाहिये। उसके लायक सिर पर बाल बचे ही नहीं हैं।

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