आज आंधी आई


नित्य के काम होल्ड पर चले गये थे। आखिर आंधी जो आ गयी थी! चैत्र मास में आंधी-पानी और बिजली का कौंधना देखा।

ढूंढी बोले – बहनोई, मानसम्मान ही बड़ी चीज है, #गांवपरधानी का क्या!


ढूंढी प्रधानी के व्युह से अलग हो दार्शनिक टाइप हो गये थे। हर आदमी हो जाता है! पर अच्छा लगा ढूंढी का आ कर मिलना और बोलना बतियाना।

स्टेटस – कोरोना टीका के बाद बुखार


गांव में पांच सौ मीटर परिधि में जो दो कोरोना केस हैं, उसका कोई हल्ला नहीं है। पिछले साल तो कोई सामान्य बीमार भी होता था तो सनसनी फैल जाती थी। क्वारेण्टाइन करा दिये जाते थे लोग। बास बल्ली गड़ने लगती थी।

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