ब्लॉग पोस्ट में फोटो सब-टाइटल (कैप्शन) का जुगाड़



सिद्धार्थ जी फोटो पर कैप्शन लगाने के बारे में पूछ रहे थे। मेरी समझ में यह आया कि वे चित्र का विवरण देते शब्द चित्र के साथ चिपकाना चाहते हैं। ब्लॉगस्पॉट के पोस्ट एडीटर में यह सरलता से सम्भव नही। फ्लिकर से आप अपनी फोटो पर डिस्क्रिप्शन फील्ड में विवरण भर कर अगर सीधे ब्लॉग करें तो चित्र के नीचे केप्शन के रूप में डिस्क्रिप्शन आ जाता है। पर वह ब्लॉगिंग का सरल/सुविधायुक्त तरीका नहीं है। मैने विण्डोज लाइवराइटर के साथ कुछ प्रयोग पहले किये थे, जिनका विवरण यहां पर मिल सकता है।

Photo Subtitleकालांतर में मैने कई पोस्टों में पुलकोट में चित्र इन्सर्ट कर उसका सब-टाइटल साथ जोड़ा था। उदाहरण के लिये आप यह रेगुलरहा सुकुल वाली पोस्ट का अवलोकन करें। पुलकोट का जुगाड़ आप सागरचन्द नाहर जी के ब्लॉग पर पायेंगे।

अपनी पिछली पोस्ट में मैने डा. कल्ला के चित्र के नीचे उनके नाम का सब-टाइटल (केप्शन) दिया था। वह देने के लिये मैने एक HTML स्क्रिप्ट का प्रयोग किया था। आप पिछली पोस्ट के अंश का चित्र दाईं ओर देखें। इस चित्र में ड़ा. कल्ला के फोटो के आस-पास दस पिक्सल का मार्जिन रखा गया है, जिससे उनका चित्र और लेख आपस में बम्प करते – सटे हुये न प्रतीत हों।

इस प्रयोग के लिये आप इस प्रकार जुगाड़ कर सकते हैं –

Photo Subtitle A यह रही HTML स्क्रिप्ट। यह केप्शन अगर बहुत लम्बा हो तो भी चित्र के इर्दगिर्द ही रहेगा!

  1. आप HTML स्क्रिप्ट का चित्र (बायें) देखें जिसे मैने ड़ा. कल्ला के चित्र के लिये प्रयोग किया था। इस स्क्रिप्ट को यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
  2. इस स्क्रिप्ट में float: left का अर्थ चित्र को बायीं ओर लगाने से है। अगर आपको चित्र दायीं ओर लगाना है तो float: right का प्रयोग करें।
  3. आप padding-top: 1px या padding-bottom: 1px निकाल सकते हैं।
  4. ड़ा. कल्ला का नाम चित्र में दायीं ओर एलाइन है। आप अगर केप्शन बाईं ओर या मध्य में एलाइन करना चाहें तो text-align: left या text-align: center का प्रयोग करें।
  5. इस HTML स्क्रिप्ट में केप्शन AAAAAAAA है। आप केप्शन बदल कर जो रखना चाहें, वह लिख दें।
  6. यह HTML स्क्रिप्ट अपनी पोस्ट पर यथास्थान लगा कर चित्र बिना ले-आउट (लेफ्ट/राइट/सेण्टर) के लोड करें। फिर चित्र पर कर्सर को ले जा कर ड्रैग करें और केप्शन (AAAAAAAA) के पहले ले आयें।
  7. अगर आपका लोड किया चित्र 250 पिक्सेल से बड़ा/छोटा है तो आप HTML स्क्रिप्ट में तदानुसार width: —px सेट करे। अर्थात पिक्सेल कम/ज्यादा करें।

ऊपर मैने HTML स्क्रिप्ट के चित्र के लिये margin-right: 40px का रखा है, जिससे कि लिस्ट-टेक्स्ट की नम्बरिंग (1., 2., — आदि) न दबे। टेक्स्ट एलाइन लेफ्ट (text-align: left) रखा है। और कृपया, “यह रही HTML स्क्रिप्ट…. नामक केप्शन का अवलोकन करें; जो उस चित्र के नीचे बायें एलाइन है, और है चित्र की चौड़ाई की सीमा में ही!


श्री विजयशंकर चतुर्वेदी जी ने टिप्पणी की थी कि बुरी पोस्ट कब लिखेंगे? और मैने देर नहीं लगाई। मुझे पूरा अविश्वास है कि पहले सर्राटा पठन में मित्रगण इस पोस्ट में से कुछ जूस निकाल पायेंगे। कुछ लोग सटक लेंगे और कुछ लिहाजवश टेनटेटिव सी टिप्पणी कर जायेंगे।

है ही सूखी सी पोस्ट! Confused


फीडबर्नर अनुसार मेरी दस सबसे लोकप्रिय पोस्टें



फीडबर्नर कई प्रकार के आंकड़े देता है। एक है अब तक के सर्वाधिक व्यू और क्लिक्स के आधार पर लोकप्रिय पोस्टों के आंकड़े।

feedburner stats

इसके आधार पर मेरी अब तक की सर्वाधिक व्यू/क्लिक की गयी पोस्टें हैं –

फोटो में कैप्शन लगाने की तकनीक २२ अक्तूबर २००७
डुप्लीकेट सामान बनाने का हुनर १८ अक्तूबर २००७
ई-पण्डित को धन्यवाद – विण्डोज लाइवराइटर के लिये १४ अक्तूबर २००७
बरखा बिगत सरद रितु आई २ अक्तूबर २००७
पापा, मैं तो घास छीलूंगा! २९ अक्तूबर २००७
एक पुरानी पोस्ट का री-ठेल ३४ अक्तूबर २००७
फीड एग्रेगेटर – पेप्सी या कोक २६ अक्तूबर २००७
’जय हिन्द, जय भारत, जय लालू’ २५ अक्तूबर २००७
व्योमकेश शास्त्री उर्फ हजारी प्रसद द्विवेदी – लेख का स्कैन २७ अक्तूबर २००७
तहलका तारनहार है मोदी का?(!) ३० अक्तूबर २००७

मजे की बात है कि ये सारी पोस्टें अक्तूबर २००७ की हैं। अब या तो हमारे पोस्ट ठेलने में उसके बाद दम नहीं रहा या फिर फीडबर्नर स्वर्ण युग के दर्शन भूतकाल में किया करता है?! heart_brokensmile_embaressed


और यह देख कर मैं फीडबर्नर की बजाय स्टैटकाउण्टर के आंकड़ों पर ज्यादा भरोसा करूंगा!!!

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राजाराम मांझी



Dr Kalla
डा. एन के कल्ला

नाम तो ऐसा लग रहा है जैसे कोई स्वतंत्रता सेनानी हो। जैसे तिलका मांझी। मैं इन सज्जन पर न लिखता अगर डा. एन के कल्ला ने एक रेखाचित्र बना कर मेरी ओर न सरकाया होता। डा. कल्ला हमारे चीफ मैडिकल डायरेक्टर हैं। हम उत्तर-मध्य रेलवे की क्षेत्रीय उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक में समिति के सदस्यों के भाषण सुन रहे थे। ऐसे में इधर उधर कलम चलाने और डॉडल (dawdle – फुर्सत की खुराफात) करने को समय मिल जाता है। उसी में एक अलग से लग रहे चरित्र श्री राजाराम मांझी का रेखाचित्र डा. कल्ला ने बना डाला।

आप श्री राजाराम मांझी का रेखा चित्र और उनका मोबाइल से लिया चित्र देखें –

श्री राजाराम मांझी

Rajaram Manjhi Rajaram

राजाराम मांझी चुपचाप बैठे थे बैठक में। अचानक उनकी गोल के एक सदस्य पर किसी स्थानीय सदस्य ने टिप्पणी कर दी। इतना बहुत था उन्हें उत्तेजित करने को। वे खड़े हो कर भोजपुरी मिश्रित हिन्दी में धाराप्रवाह बोलने लगे। बहुत ही प्रभावशाली था उनका भाषा प्रयोग। वैसी भाषा ब्लॉग पर आनी चाहिये।

बाबा तिलका मांझी (1750-84) पहले संथाल वीर थे जिन्होने अंग्रेजों के खिलाफ आदिवासी संघर्ष किया। उनका गोफन मारक अस्त्र था। उससे उन्होने अनेक अंग्रेजों को परलोक भेजा। अन्तत: अंग्रेजों की एक बड़ी सेना भागलपुर के तिलकपुर जंगल को घेरने भेजी गयी। बाबा तिलका मांझी पकड़े गये। उन्हे फांसी न दे कर एक घोड़े की पूंछ से बांध कर भागलपुर तक घसीटा गया। उनके क्षत-विक्षत शरीर को कई दिन बरगद के वृक्ष से लटका कर रखा गया।

भोजन के समय सब लोग प्लेट में खा रहे थे। मांझी जी अखबार को चौपर्त कर उसमें भोज्य सामग्री ले कर खाते हुये टहल रहे थे हॉल में। किसी ने कौतूहल वश कारण पूछ लिया। उन्होंने बताया कि प्लेट अशुद्ध होती है। यह समझ नहीं आया कि कृत्रिम अजैव रसायन से बनी स्याही के साथ छपा अखबार कैसे शुद्ध हो सकता है? पर यह भारत है और उपभोक्ता सलाहकार बैठक में विचित्र किन्तु सत्य भारत के दर्शन हो जाते हैं!

श्री राजाराम मांझी के दो अन्य चित्र

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