गंगा की बाढ़ के उतरते हुये


पानी उतरा है तो कूड़ा करकट छोड़ गया है फुटप्रिण्ट के रूप में। यह कूड़ा तो गंगाजी में आदमी का ही दिया है। उसको वे वापस कर लौट रही हैं। पर आदमी सीखेगा थोड़े ही। नदी को गंदा करना जारी रखेगा। “गंगे तव दर्शनात मुक्ति:” भी गायेगा और कूड़ा भी उनमें डालेगा।

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