मनोज सिंह की नाव का वार्षिक अनुरक्षण


मनोज सिंह की नाव अपेक्षाकृत छोटी है – मारुति कार जैसी। उसपर एक लाख का ओवरहाल खर्च करने पर उसकी लाइफ 7-10 साल बढ़ जायेगी। वह बनी थी तो यूकलिप्टस की थी। जल्दी खराब हो गयी। अब वे साखू की लकड़ी ही लगवायेंगे।

विष्णु मल्लाह – बैकर मछरी पकड़े बा!


किसान की तरह मल्लाह भी मार्केट की चाल से मात खाता है। यहां यह जरूर था कि तुरत-फुरत उसे रोकड़ा मिल जा रहा था। किसानी में वह भी नहीं होता।