नर्मदा दंड परिक्रमा: अध्याय 4


घंसौर से आगे – नदी सौंदर्य दिखाती है, सड़क इंतजाम करती है 21 मई मेरे हिसाब से प्रेमसागर को घंसौर से बरगी की ओर बढ़ना चाहिये था। नर्मदा उत्तर में हैं। पर वे पश्चिम की ओर निकल गये। सड़क की सहूलियत तय कर रही है — चलना किस दिशा में होगा। आज लखनादोन रोड परContinue reading “नर्मदा दंड परिक्रमा: अध्याय 4”

दण्ड परिक्रमा से जुड़ते लोग 


नर्मदा दंड परिक्रमा रींवा के स्वामीदीन पाण्डेय की बिटिया प्रियंका, और उसके पति अंकित—मंडला में रहते हैं। स्वामीदीन जी ने उन्हें कहा कि प्रेमसागर का ध्यान रखें। बात कहने भर की थी, पर उन्होंने उसे जिम्मेदारी की तरह लिया। घर बुलाया, सत्कार किया, और अब जहां भी प्रेमसागर रात में रुकते हैं, वहां पहुंच जातेContinue reading “दण्ड परिक्रमा से जुड़ते लोग “

हरिहर से बातचीत


गांवदेहात डायरी सालों बाद कटका के प्लेटफार्म नम्बर 2 पर गया। वहीं मिला हरिहर। अंधा है वह। हाथ में एक लाठी, बगल में एक झोला—जिसमें बिस्कुट के पैकेट। उन्हीं को लेकर वह ट्रेनों के कॉरिडोर में चलता और बेचता है। हरिहर प्लेटफार्म पर बैठने लगा तो किसी ने आगाह किया—“ट्रेन आवे वाली बा। आगे बैठबेContinue reading “हरिहर से बातचीत”

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