नर्मदा दंड परिक्रमा रींवा के स्वामीदीन पाण्डेय की बिटिया प्रियंका, और उसके पति अंकित—मंडला में रहते हैं। स्वामीदीन जी ने उन्हें कहा कि प्रेमसागर का ध्यान रखें। बात कहने भर की थी, पर उन्होंने उसे जिम्मेदारी की तरह लिया। घर बुलाया, सत्कार किया, और अब जहां भी प्रेमसागर रात में रुकते हैं, वहां पहुंच जातेContinue reading “दण्ड परिक्रमा से जुड़ते लोग “
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हरिहर से बातचीत
गांवदेहात डायरी सालों बाद कटका के प्लेटफार्म नम्बर 2 पर गया। वहीं मिला हरिहर। अंधा है वह। हाथ में एक लाठी, बगल में एक झोला—जिसमें बिस्कुट के पैकेट। उन्हीं को लेकर वह ट्रेनों के कॉरिडोर में चलता और बेचता है। हरिहर प्लेटफार्म पर बैठने लगा तो किसी ने आगाह किया—“ट्रेन आवे वाली बा। आगे बैठबेContinue reading “हरिहर से बातचीत”
एक अलग सोच से यात्रा की जरूरत
मोर्गन हाउसेल ने अपनी किताब The Art of Spending Money में एक प्रसंग लिखा है — फ्रेंच लेखक मार्सेल प्राउस्ट (1871-1922) ने एक युवक को; जो अपनी विपन्नता से दुखी रहा करता था; सलाह दी थी कि वह महलों और विलासिता की वस्तुओं से ईर्ष्या करने के बजाय चित्रकार जीन सिमोन चार्दें की कलाओं कोContinue reading “एक अलग सोच से यात्रा की जरूरत”
