प्रेमसागर के बारे में आशंकायें


“आप मेरे बारे मेंं लिख रहे हैं, उससे मैं गर्वित नहीं होऊंगा, इसके लिये सजग रहा हूं। आप चाहे दिन में तीन बार भी लिखें, मैं उससे विचलित नहीं होऊंगा, भईया। लालसा बढ़ने से तो सारा पूजा-पाठ, सारी तपस्या नष्ट हो जाती है।”

प्रेमसागर अनूपपुर की ओर


कल उन्होने बारिश के लिये बेहतर तैयारी कर ली है। रेनकोट तो नहीं मिला, एक छाता खरीद लिया है। यह भी बताया कि छाता केवल अचानक आयी बारिश से बचने और कोई शरण ढूंढने के काम ही आयेगा। बारिश में चलते चले जाने के लिये नहीं!

प्रेमसागर जी को लह गया नया स्मार्टफोन!


आज नया स्मार्टफोन मिल जाने से उनकी नोकिया के बूढ़े, चार इंच के स्मार्ट(?) फोन के धुंधले चित्र से निजात मिली। उन चित्रों को मुझे बहुत एडिट करना पड़ता था और तब भी धुंधलापन दूर न होने के कारण उनका पेण्टिंग टाइप संस्करण बनाना होता था। अब वह नहीं करना होगा।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free