छुट्टी: चिठ्ठे पढ़ने का बकाया निपटाया जाये!


पहले कानपुर में रेल दुर्घटना हुई. फिर लोगों ने उसपर बहुत से सवाल पूछे. लोगों को जवाब देते बड़ा अच्छा लग रहा था, यद्यपि शरीर थका था. कल भी दफ्तर में निर्णय के लिये फाइलों का ढ़ेर और डाक बक्सा भरा था. रोज की ब्लॉग पोस्ट लिखने का स्व निर्धारित नियम पालन करने के जुनूनContinue reading “छुट्टी: चिठ्ठे पढ़ने का बकाया निपटाया जाये!”

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