अफगानिस्तान, अफीम और आतंकवाद


मेरा सोचना था कि खनिज तेल की अर्थव्यवस्था इस्लामी आतंकवाद को धन मुहैया कराती है और जब तेल का वर्चस्व समाप्त हो जायेगा, तो आतंकवाद को फण्ड करने का जरीया नहीं बचेगा और इस्लाम पुन: एक प्रेम और भाईचारे पर आर्धारित, मानवीय समानता की अपनी पुरानी पहचान पर लौटेगा. पर कल इकॉनमिस्ट में छपे एकContinue reading “अफगानिस्तान, अफीम और आतंकवाद”

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