बुद्ध को पैदा होने से रोक लेंगे?



प्रतीक का ब्लॉग मेरे व्यक्तिगत गूगल रीडर संग्रह में नहीं था. इसलिये यह पोस्ट एग्रीगेटर पर यदा-कदा की ब्राउज़िंग में दिखी. पुनर्जन्म के लिये लेनी होगी चीन की इजाजत नाम से यह पोस्ट एक रोचक फरमान की बात करती है कि चीन सरकार दलाई लामा को पुनर्जन्म के लिये संकेत नहीं देने देगी. यह फरमान 1 सितम्बर से प्रभावी होगा.

मुझे दोनो बातें विचित्र लगती हैं. मुख्य लामा द्वारा यह संकेत बताना कि वे कहां और किस प्रकार से अगला जन्म लेंगे अपने आप में कुछ अलौकिक बात लगती है. पुनर्जन्म और कर्म के सिद्धांतों में मेरी आस्था है. पर कोई महान आदमी भविष्य का पर्चा आउट करे – यह जानकर लगता है कि हमारे साथ नाइंसाफी है कि हमारा पर्चा क्यों आउट नहीं होता! और दूसरे चीन सरकार का इस प्रकार का फरमान अभिव्यक्ति पर जबरन बन्धन लगता है. ऐसे फरमान की बजाय अगर चीन सरकार जनता को समझा सके पुनर्जन्म की बात निरर्थक है, तो वह शायद उपयुक्त कदम हो.

पर बुद्ध जन्म लेंगे? शाक्यमुनि के रूप में मदर के लेखों में जो उनका परिचय है वह बहुत अच्छा लगता है. उनके अनेक जन्मों की कथायें सुनने में आती हैं. शाक्यमुनि विष्णु के अवतार माने गये हैं – अत: वे मुझे वैसे ही लगते हैं जैसे राम और कृष्ण. यह कल्पना अपने आप में रोचक लगती है कि दलाई लामा अपनी परम्परा में उनके अगले जन्म के संकेत देंगे.

बुद्ध जन्म लेंगे तो कृष्ण क्यों नहीं? कृष्ण भी तो कह गये हैं कि मैं बार बार आता हूं. आजकल तो उनकी बहुत याद आती है. वैसे यह शुभ संकेत हैं. जब-जब इन कालपुरुषों को जन्म लेने से रोका जाता है तब तब ये अपनी पूर्णता के साथ आते हैं. कंस ने कृष्ण को रोकने के लिये कितने वसुओं का जन्मते ही संहार कर दिया. पर वे आये और जो कुछ दे गये उसका पूर्ण प्राकट्य तो विश्व में अभी होना शेष है.

अत: बुद्ध अगर आना चाहेंगे तो कोई फरमान उन्हे रोक नहीं सकेगा. हां, स्थितियों का उत्तरोत्तर बिगड़ना और कुछ लोगों में उनकी हृदय से पुकार – बस इसकी ही आवश्यकता है.

यदा यदाहि धर्मस्य….


चलते चलते:
1. कल समीर लाल जी ने “ज्ञानदत्त का स्टार पठन का चयन” के विषय में पूछा था. फिर संजीत त्रिपाठी ने भी वही प्रश्न किया. आप मेरी ब्लॉग सेग्रीगेटर पर लिखी पोस्ट देखें. इसमें यह निकल कर आया था कि हर एक ब्लॉगर जो पढ़ रहा है, उसमें से पठनीय छांट कर बताये. उस पोस्ट में मैने लिखा था:

अभी मैने जो किया है वह यह है – अपने गूगल रीडर पर जो कुछ उत्कृष्ट पढ़ रहा हूं, उसे स्टार-टैग कर ले रहा हूं और उसको बतौर पब्लिक पेज देने की सुविधा गूगल रीडर देता है तथा उसकी क्लिप मैं अपने ब्लॉग पर पोस्ट/पोस्टों के नीचे “ज्ञानदत्त का स्टार पठन का चयन” के रूप में प्रस्तुत कर रहा हूं. इस क्लिप में ताजा 5 पोस्टें हैं और अधिक पढ़ने के लिये Read more पर क्लिक किया जा सकता है. यही अन्य सज्जन भी कर सकते हैं…. इससे आलोक जी का कहा, कि अगर आपको लेख पसन्द आया है तो उसे अपने ब्लॉग पर प्रचारित करें, की भी कुछ सीमा तक अनुपालना हो जाती है.

मैं उस अनुसार ही क्लिप प्रस्तुत कर रहा हूं. अब यह तो बात ही दूसरी है कि समीर लाल जी अधिकतर टिप्पणी में कहते हैं, जो पोस्ट चयन के रूप में प्रस्तुत नहीं हो सकता, अन्यथा वे हमारे स्टार तो हैं ही 🙂

2. मैने प्रतीक का ब्लॉग भी अपने गूगल रीडर में फीड कर लिया है और उनके मित्र भुवनेश का भी.