कालीन की फिनिशिंग


उल्टी कालीन को सीधा कर एक व्यक्ति – अजय – ने मुझे दिखाया। उसने कहा कि उन्हें तो अपने काम की मजूरी मिलती है। मजूरी यानी रोजी रोटी का जरीया। बाकी, असल में कमाई तो मालिक या एक्स्पोर्टक की होती है।

रमाशंकर जी के घर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर के समीप


रमाशंकर जी ने अपने घर में अलग से एक कमरा प्रेमसागर को दे दिया है। सभी सुविधा है। कल प्रेमसागर भीड़ द्वारा भगाये जा रहे थे, आज रमाशंकर जी ने सम्पूर्ण स्नेह उंडेल कर उनका स्वागत किया है!

डेयरी से परिवर्तन, अजय दुबे, मटकीपुर


आज के चरित्र थे अजय दुबे। वे पांच सात अलग अलग पशुओं का दूध अलग अलग डिब्बों में ले कर आये थे। सब की पर्चियां एक साथ निकलीं। एक मीटर लम्बा था प्रिण्ट आउट। सब पर अंकित मूल्य को मैंने जोड़ा तो नौ सौ- हजार के आसपास निकला।

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