गुनरी और मड़ई


थोड़ी देर मैंने इंतजार भी की कि जिसकी मड़ई है वह आ जाये तो कुछ बात हो और उसका इस मड़ई में सोने का ध्येय पता चल सके।
पर मड़ई और गुनरी अपने आप में सुंदर हैं। कौन बनाता होगा गुनरी? एक दो मुझे भी बनवानी हैं अगली सर्दियों के लिये।

योगद्या शक्तिपीठ और नवद्वीप


उन्हें रात्रि गुजारने के लिये कोई स्थान नहीं मिला। वे इस उहापोह में थे कि क्या नवद्वीप जा कर चैतन्य महाप्रभु के जन्मस्थान का दर्शन करें या अपनी शक्तिपीठ यात्रा पर चलते रहें।
उन्होने बस से नवद्वीप जाने का निर्णय किया।

का हेरत हयअ?


एक विघ्नेश्वर जी ने टिप्पणी की। पोस्ट मौसम की अनिश्चितता, आंधी-पानी आदि पर थी। सज्जन ने कहा – घर में रह बुड्ढ़े, ऐसे मौसम में निकलेगा तो जल्दी मर जायेगा।
[…] काला टीका लगा दिया है उन्होने। सौ साल जिया जायेगा बंधुवर। ज्यादा ही!

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