रविवार की सुबह


  गांवदेहात डायरी  सवेरे साइकिल चला कर लौटा तो रामसेवक आ चुके थे। वे हमारे माली हैं और रविवार को आधा दिन हमारे बगीचे को देते हैं। मैं गेट खोलकर अंदर घुसा तो उन्होंने आगे बढ़कर गेट बंद किया। वे न भी करते तो मुझे खराब न लगता। अब यह अपेक्षा बची नहीं है किContinue reading “रविवार की सुबह”

सूर्यकुंड से बंजार संगम


नर्मदा दंड परिक्रमा  मंडला में नर्मदा के दक्षिण तट से प्रेमसागर ने नर्मदा दंड परिक्रमा प्रारम्भ की। शुरुआत सूर्यकुंड से हुई—दक्षिणमुखी हनुमान जी को प्रणाम कर। सवेरे लगभग दस बजे निकलना हुआ। आज उनके पास कमंडल नहीं था। आगे दो लीटर का कमंडल खरीदना है। सामान फिलहाल अंकित जी के यहाँ रखा है—वे लेकर आContinue reading “सूर्यकुंड से बंजार संगम”

नर्मदा यात्रा का प्रारम्भ


नर्मदा दंड परिक्रमा — प्रेमसागर गुजरे बलिया पेसेंजर से  सवेरे फोन आया तो प्रेमसागर की ट्रेन बनारस सिटी में खड़ी थी। उन्होंने बताया कि वे प्रयाग जा रहे हैं, वहां से चित्रकूट जायेंगे। किसी चंदन की लकड़ी का आठ इंच का टुकड़ा ले कर लेकर आगे निकलेंगे—नर्मदा की दंड परिक्रमा के लिये। मेरे हिसाब सेContinue reading “नर्मदा यात्रा का प्रारम्भ”

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