मेरे घर में एक जलमुर्गी आती है। मैं यह नहीं कह सकता कि वह यहीं रहती है। पक्षियों के पते मनुष्यों की तरह नहीं होते। फिर भी वह इतनी नियमितता से आती है कि घर का हिस्सा लगने लगी है। जैसे कोई पड़ोसी हो जो बिना सूचना दिए आता-जाता रहता हो। उसकी चाल मुझे शुरूContinue reading “मेरे घर की जलमुर्गी”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
गोविंदा की शादी और बदलता गांव
सुग्गी का बड़ा बेटा है गोविंदा। गोविंद बिंद। उसकी शादी तय हो गई थी। वैसे तिलक-छकैया दो बार पहले भी हुआ, पर किसी न किसी वजह से बात अटक गई। पहली बार लड़की अच्छी थी, पर घर बहुत दूर था—चंदौली से भी आगे, करीब सौ किलोमीटर। इतनी दूर की रिश्तेदारी नहीं जमी। दूसरी बार तिलकContinue reading “गोविंदा की शादी और बदलता गांव”
मितव्ययता की कवायद
प्रधानमंत्री जी ने जनता (पढ़ें: टैक्स भरने वालों) से कहा है कि सोना कम खरीदें, विदेश यात्राएँ टालें, ईंधन बचाएँ और मितव्ययिता अपनाएँ। हम तो 28 फरवरी को, जिस दिन पिछला गैस सिलिंडर रीफिल हुआ था, तभी से गैस चूल्हे को लगभग दरकिनार कर चुके हैं। तीन महीने बाद भी सिलिंडर आधे से अधिक भराContinue reading “मितव्ययता की कवायद”
