गांवदेहात डायरी वह आगे चलता दिखा—दो झंडे लिये। एक तिरंगा और एक धर्म को दर्शाता तिकोना। मैं पीछे से साइकिल पर था। चलते-चलते ही उसका चित्र लिया और फिर उसके पास जाकर साइकिल रोक दी। पूछा—यह क्या लिये हैं और कहां जा रहे हैं? उसने कहा—“राधे राधे।” मैंने अपना प्रश्न दो बार दोहराया। दोनों बारContinue reading “औरंगाबाद के रंजन कुमार”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
साइकिल से घुमक्कडी करते कुंदन आर्य
गांवदेहात डायरी वह नौजवान साइकिल पर आगे एक बोर्ड लगाये था और पीछे कैरियर पर एक बैग। पहली नज़र में लगा—कोई फेरीवाला होगा, जो सवेरे-सवेरे निकल पड़ा है। गांव में ऐसे फेरीवाले अक्सर दिख जाते हैं। जिज्ञासा हुई तो मैंने अपनी साइकिल आगे बढ़ाई और बोर्ड पढ़ा। तब पता चला—वे फेरीवाले नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर (बिहार)Continue reading “साइकिल से घुमक्कडी करते कुंदन आर्य “
होरमुज़ बंदी और रसोई के कार्बन फुटप्रिंट
गांवदेहात डायरी युद्धों का असली प्रभाव विभीषिकाओं और त्रासदियों में नहीं, लोगों की आदतों में होने वाले परिवर्तन में दिखाई देता है। फारस की खाड़ी और होरमुज़ जलडमरूमध्य मेरे गांव से लगभग 2600 किलोमीटर दूर है। वहां क्या हो रहा है—इससे गांव वालों को सीधा कोई लेना-देना नहीं। पर उसका असर यहां तक पहुंचा है।Continue reading “होरमुज़ बंदी और रसोई के कार्बन फुटप्रिंट “
