नियमित लिखना नहीं हो रहा, पर प्रेमसागर फोन कर या ह्वाट्सएप्प कर बता देतें है अपनी दंड यात्रा का हाल। घाघा से आगे निकल चुके हैं। सहस्त्रधारा पीछे छूट गई है। किसी अहमदपुर में वन विभाग के रेस्ट हाउस में शाम गुजार रहे थे। वन विभाग के डिप्टी साहब साथ में थे। नर्मदा माई कीContinue reading “प्रेमसागर की दंड नर्मदा परिक्रमा के छाले”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
अमेरिका के माइकल और उनके डाउज़र्स
रविशंकर जी का फोन आया एक दिन पहले — अगियाबीर का फिर एक चक्कर लगने वाला है कल। साथ में प्रोफेसर अशोक सिंह भी रहेंगे और एक अमेरिकी सज्जन भी हैं। वे आर्कियॉलॉजिस्ट नहीं हैं। वे कहते हैं अर्थ एनर्जी पर काम कर रहे हैं। हमें भी ठीक से नहीं मालुम कि यह कौन साContinue reading “अमेरिका के माइकल और उनके डाउज़र्स”
धनरा भुंजईन की भरसायँ
दूध लेते जाते मैं रोज वह पत्तियों का ढेर और भरसायँ देखता था। भरसायँ यानी मिट्टी का वह गोलाकार चूल्हा जिसमें दाना — चना, मक्का — भूना जाता है। गाँव में अभी भी दिख जाती है सड़क किनारे। मुझे रोज यह भी नजर आता है कि पत्तियों का जखीरा बढ़ रहा है। पर दाना भूननेContinue reading “धनरा भुंजईन की भरसायँ “
