दूध की गुणवत्ता से मैं संतुष्ट हूं। चाय बहुत बढ़िया बनती है और दही भी अच्छी जमती है। पीने के लिये आजकल मैं दूध का प्रयोग नहीं कर रहा हूं। मैंने गांव में दूध लेना बंद कर दिया है।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
आज आंधी आई
नित्य के काम होल्ड पर चले गये थे। आखिर आंधी जो आ गयी थी! चैत्र मास में आंधी-पानी और बिजली का कौंधना देखा।
ढूंढी बोले – बहनोई, मानसम्मान ही बड़ी चीज है, #गांवपरधानी का क्या!
ढूंढी प्रधानी के व्युह से अलग हो दार्शनिक टाइप हो गये थे। हर आदमी हो जाता है! पर अच्छा लगा ढूंढी का आ कर मिलना और बोलना बतियाना।
