मेरे ब्लॉग के पढ़ने वाले (मेरा अनुमान है) नौजवान और 30-50 की उम्र वाले अधिक होंगे। उन्हें सीनियर सिटिजंस के मसलों में शायद बहुत दिलचस्पी न हो; पर जिंदगी के खेल के हाफ टाइम की सीटी कब बज जाती है, वह खिलाड़ी को ध्यान ही नहीं रहता।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
उतरती बाढ़ और लोगों के सुख दुख:
मुझे कोई इस तरह की घरेलू बात कहे, सुनाये – यह कुछ अटपटा लगा। और वह भी एक महिला? शायद बाढ़ की विभीषिका अपने घर के आगे देख कर व्यक्ति सन्न हो जाता है और एक अपरिचित से भी मुखर हो जाता है अपना दुख सुख बताने के लिये।
हंगामा क्यों है बरपा – बेबाक बुधवार का ट्विटर स्पेस
बहुत अधिक हंगामों के युग में होना, बहुत सारी रोचकता तलाशना, बात बात पर बड़ी खबर चीखती टीवी एंकर से दो-चार होना, नई पोस्ट, नयी लाइक-कमेण्ट के डोपेमाइन का लती होना; यह अभिशाप नहीं तो क्या है?
