कई समूह इस इलाके में प्लास्टिक की डेली-यूज की सस्ती वस्तुओं को बेचने के लगे हैं। वे मोबाइल, ऑनलाइन और मोटर साइकिल तथा हाईवे जैसी सुविधाओं का सही सही दोहन कर ग्रामीण जनता को सुविधा भी दे रहे हैं और अपना पेट भी पाल रहे हैं।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
सुन्दर नाऊ की जजमानी
मेरी हेयर कटिंग में कोई खास कलात्मकता की जरूरत नहीं। आजकल के नौजवान लोग जो बंगला कट बाल कटाते हैं, वह नहीं चाहिये। उसके लायक सिर पर बाल बचे ही नहीं हैं।
कमलेश किशोर और आजतक रेडियो
लोगों की सोच को जो मीडिया ने हाईजैक कर लिया है, वह इस युग की बड़ी और भीषण क्राइसिस है। उसने लोगों की सोच को उद्दीप्त नहीं, कुंद ही किया है। सही सोच के तो छोटे छोटे द्वीप ही दिखते हैं। तीनताल वाले उनमें से हैं।
