उसने बिना चोटिल किए छोटे बड़े कुल सवा सौ बेल तोड़े। उसमें से उसे करीब चालीस मिले मेहनताना के रूप में। इस तरह 4-5 घंटे की मेहनत में राजेंद्र ने 1000 रुपये कमाए। बढ़िया ही कहा जाएगा यह उद्यम!
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
चाय की दुकान वाले दम्पति
दम्पति हर बात में ईश्वर को याद करते और परम सत्ता की नियामत की कृतज्ञता व्यक्त करते दिखे। मैने आमदनी के बारे में पूछा तो जवाब वही मिला – भगवान की कृपा है। सब ठीक से चल जाता है।
ढूंढ़ी यादव की चुनाव चर्चा
ढूंढ़ी का आज का चाय की चट्टी पर कथन मुझे और कमिट करवा गया – मरने दो उम्मीदवार को। भाजपा की संसदीय सेना में 25-50 असुर छाप सांसद भी आ जायें तो कोई बात नहीं। चुनाव तो प्रेसिडेंशियल ही है। मोदी पर रेफ़रेण्डम। वोट तो मोदी को ही जाना चाहिये।
