ज्यादा दूर नहीं है यह जगह। इलाहाबाद की सहसों तहसील में है। तेलियरगंज, इलाहाबाद (जिसके पास फाफामऊ पुल है) से चार-पांच किलोमीटर दूर होगी। शरीर और मौसम दुरुस्त हो तो पैदल दबाया जा सकता है। मौसम तो दुरुस्त था, पर मेरा शरीर उतना नहीं। अत: पैदल नहीं वाहन से गया। वापसी में जरूर फाफामऊ केContinue reading “पंड़िला महादेव”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
अगहन का अंतिम दिन
आज अग्रहायण (अगहन) मास का अंतिम दिन है। पूर्णिमा। आज पूर्ण चन्द्रग्रहण भी है जो इलाहाबाद में पूरा नहीं दिखेगा। शायद मालवा – इन्दौर, उज्जैन में दिखे। कल से पौष मास प्रारम्भ होगा। पूस काना टूस। पूस में शादियाँ नहीं होती थीं। अब तो पण्डिज्जी लोग जब मन आये, शादियां करा दे रहे हैं। अत:Continue reading “अगहन का अंतिम दिन”
ब्लॉगिंग और टिप्पणी प्रणाली की स्केलेबिलिटी (बनाम अमर्त्यता)
यह मेरी इस ब्लॉग पर 997वीं पोस्ट है। हजार के समीप होने पर विचार मन में आता है कि इस ब्लॉग के लिये किस प्रकार के यत्न मैने किये और किस प्रकार का नफा/आनन्द/किक मुझे मिला। यह ट्रांजियेण्ट फेज भी हो सकता है। इस समय कोहासे कि खिचिर खिचिर में मालगाड़ियां खचर खचर चल रहीContinue reading “ब्लॉगिंग और टिप्पणी प्रणाली की स्केलेबिलिटी (बनाम अमर्त्यता)”
