अपनी मूर्खता पर हंसी आती है। कुछ वैसा हुआ – छोरा बगल में ढुंढाई शहर में! राहुल सिंह जी की टिप्पणी थी टल्लू वाली पोस्ट पर – अपरिग्रही टल्लू ने जीवन के सत्य का संधान कर लिया है और आपने टल्लू का, बधाई। जगदेव पुरी जी से आपकी मुलाकात होती रहे। अब आपसे क्या कहेंContinue reading ““रुद्र” काशिकेय पर प्रथम टीप”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
हिन्दी में पुस्तक अनुवाद की सीमायें
दो पुस्तकें मैं पढ़ रहा हूं। लगभग पढ़ ली हैं। वे कुछ पोस्ट करने की खुरक पैदा कर रही हैं। खुरक शायद पंजाबी शब्द है। जिसका समानार्थी itching या तलब होगा। पहली पुस्तक है शिव प्रसाद मिश्र “रुद्र” काशिकेय जी की – बहती गंगा। जिसे पढ़ने की प्रेरणा राहुल सिंह जी से मिली। ठिकाना बतायाContinue reading “हिन्दी में पुस्तक अनुवाद की सीमायें”
कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ
यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी की अतिथि पोस्ट है। हाल ही में पत्नी के साथ कैलिफ़ोर्निया गया था। अपने बेटी और दामाद के यहाँ कुछ समय बिताकर वापस लौटा हूँ। बेटी और दामाद पिछले १० साल से वहीं रह रहे हैं और कई बार हमें आमंत्रित किए थे पर पारिवारिक और व्यवसाय संबन्धी मजबूरियों केContinue reading “कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ”
