शराब पर सीरियस सोच


प्रवीण जिस शराब के गंगा की रेती में दबाये जाने की बात कर रहे हैं, वह शायद अंग्रेजी शराब है। यहां शिवकुटी के माल्या-प्वाइण्ट पर डालडा के पीपों में शराब बनती/रेत में गाड़ी जाती और फिर नाव से ले जाई जाती है। यह चित्र बोरी से ढके कुछ पीपों का है जो नाव के पार्कContinue reading “शराब पर सीरियस सोच”

तारेक और मिचेल सलाही


हम ठहरे घोंघा! सेलिब्रिटी बन न पाये तो किसी सेलिब्रिटी से मिलने का मन ही नहीं होता। किसी समारोह में जाने का मन नहीं होता। कितने लोग होंगे जो फलानी चोपड़ा या  ढ़िकानी सावन्त के साथ फोटो खिंचने में खजाना नौछावर कर दें। हम को वह समझ में नहीं आता! क्या बतायें; सेलियुग (सेलिब्रिटी-युग, कलियुगContinue reading “तारेक और मिचेल सलाही”

अर्जुन प्रसाद पटेल


कछार में सप्ताहान्त तनाव दूर करने निरुद्देश्य घूमते मुझे दिखा कि मेरे तट की ओर गंगाजी काफी कटान कर रही हैं, पर दूर कई द्वीप उग आये हैं जिनपर लोग खेती कर रहे हैं। उन द्वीपों पर टहलते हुये जाया नहीं जा सकता। लिहाजा खेती करते लोगों को देखना इस साल नहीं हो पा रहाContinue reading “अर्जुन प्रसाद पटेल”

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