आज मेरे यहां ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन नहीं आ रहा है. मेरे पास दो लैण्ड लाइन फ़ोन हैं और दोनो पर इण्टरनेट सुविधा है. इसके अतिरिक्त बीएसएनएल की मोबाइल सुविधा पर जीपीआरएस के जरीये भी इण्टरनेट मिल जाता है. आजभोर वेला से ये तीनों नहीं काम कर रहे. अभी शाम के समय यह इण्टरनेट धीरे-धीरे प्रारम्भ हुआContinue reading “ब्रॉडबैण्ड/ कापासिटी, नेहरू और उनकी काबीना के मंत्री”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
हरतालिका तीज की पूर्व सन्ध्या की खरीद
(मनिहारी की दुकान में खरीददारी में जुटी महिलायें) बुरे फंसे हरतालिका तीज की पूर्व सन्ध्या खरीद में. मेरी पत्नी कल शाम को खरीददारी के लिये निकल रही थीं. मैं साथ में चला गया इस भाव से कि इस बहाने शाम की वॉक हो जायेगी. पर पैदल चलना हुआ सो हुआ, खरीददारी में चट गये पूरीContinue reading “हरतालिका तीज की पूर्व सन्ध्या की खरीद”
ऐसी स्थिति में कैसे आ जाते हैं लोग?
एक अच्छी कद काठी का नौजवान सड़क के किनारे लेटा था. अर्ध जागृत. गौर-वर्ण. बलिष्ठ देह. शरीर पर कहीं मांस न कम न ज्यादा. चौड़ा ललाट. कुल मिला कर हमारी फिल्मों में या मॉडलिंग में लुभावने हीरो जैसे होते हैं, उनसे किसी भी प्रकार उन्नीस नहीं. पर मैले कुचैले वस्त्र. कहीं कहीं से फटे हुयेContinue reading “ऐसी स्थिति में कैसे आ जाते हैं लोग?”
