कोविड19 लॉकडाउन काल में चिन्ना पांड़े – रीता पाण्डेय


लॉकडाउन का नियमबद्ध पालन कर रही है पद्मजा पाण्डे। सब इस लिये कि मोदी जी कहते हैं। साढ़े छ साल की चीनी अपने से दस गुना उम्रवाले प्रधानमन्त्री की जबरदस्त फ़ैन है।

वैशाखी के दिन के विचार – रीता पाण्डेय की अतिथि पोस्ट


लॉकडाउन मौके पर ये सभी सीरियल (रामायण, महाभारत, चाणक्य) टेलीवीजन पर प्रस्तुत करने से आगामी पीढ़ी को एक मौका मिला है कि वे अपनी सभ्यता, संस्कृति और इतिहास के गौरव को समझ सकें।

लॉकडाउन काल में सुबह की चाय पर बातचीत


शैलेंद्र ने कहा – कितनी शांति है दिदिया। लॉकडाउन के इस काल में, घर में किसी की कोई डिमाण्ड नहीं है। सबको पता है कि जितना है, उसी में गुजारा करना है।

भाग, करोना भाग!


नौ बजे, पास के बस्ती के कुछ बच्चे जोर जोर से “भाग, करोना भाग!” का सामुहिक नारा भी बार बार लगा रहे थे। … कुल मिला कर पूरे देश के एक साथ होने का भाव गहरे में महसूस हो रहा था।

कोरोना के बाद बेहतर समय आयेगा? – रीता पाण्डेय


वाह कोरोना! वाह लॉकडाउन! इनके चक्कर में भूले बिसरे लोग-रिश्ते जुड़ रहे हैं। न आदमी घर में बन्द होता, न अतीत की याद करता और न बचपन के सम्बन्ध खोजता।

गांव में रिहायश – घर के परिसर की यात्रा : रीता पाण्डेय


घर में अपने पति समेत बहुत से बच्चों को पालती हूं मैं। ये पेड़-पौधे-गमले मेरे बच्चे सरीखे ही हैं। ये सब मिलकर इस घर को एक आश्रम का सा दृष्य प्रदान करते हैं। बस, हम अपनी सोच ऋषियों की तरह बना लें तो यहीं स्वर्ग है!