हरफनमौला पिण्टू


पिण्टू बहुत मेहनती है। उसके काम में नफासत भी है। मेहनत के अनुपात में (गांव के हिसाब से) कमाता भी है। पर बचत के नाम पर कुछ भी नहीं है।

महाभारत, द्रौपदी का चीरहरण और धर्म


और धृतराष्ट्र आंख से ही नहीं, मन और बुद्धि से भी अंधे थे। लेकिन उस सभा में आंख, कान, मुंह वाले भी कायर और नपुंसक थे। द्रौपदी के प्रश्नों का उत्तर किसी के पास नहीं था।

आनेवाले कल की कुलबुलाहट – रीता पाण्डेय


उम्मीद करती हूं कि यह ऑनलाइन व्यवस्था आगे तेज गति से बढ़ेगी। ऑनलाइन पढ़ाई गरीब-अमीर-शहर-देहात के दायरे तोड़ने में क्रांतिकारी परिवर्तन लायेगी।

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