आजकल गेंहू की राशन में उपलब्धता की मारामारी है। ज्यादातर लोगों को चावल ही मिल रहा है फ्री वाले राशन में। अगर सरकार गेंहू रिलीज भी कर रही है राशन में तो उसे कोटेदार लोग बाजार में बेंच कर उसके बदले चावल ही दे रहे हैं जनता को।
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बवासीर का गांव का इलाज
“पसियान का फलाने है, वह कमर में बांधने को एक तावीज देता है। वह बहुत कारगर है। … पुरानी हो जाये तो एक और तावीज ले आता हूं। वही तावीज बांध रखी है। तब से बवासीर तकलीफ नहीं दे रही।”
आते रहा करो चच्चा!
त्रिपाठी जी ने कहा – “आपने अपने लेख में लिखा था कि अगली बार साइकिल से आयेंगे। आप साइकिल से आये होते तो और अच्छा लगता चच्चा! बाकी, आप आते रहा करें। आपका आना अच्छा लगता है और हम भी कुछ नया सीख सकते हैं।”
